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पित्ताशय (गॉलब्लैडर) के ऑपरेशन के बाद क्या खाएं

वार्ड से घर जाते समय हर मरीज़ मुझसे यही पूछता है। सच्चा जवाब ज़्यादातर डाइट चार्ट से छोटा है, और इसमें पूरी ज़िंदगी पराठे छोड़ने की बात नहीं है।

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छोटा जवाब

एक पैराग्राफ़ में

आपको पूरी ज़िंदगी कोई ख़ास डाइट नहीं लेनी है। पहले एक-दो हफ़्ते थोड़ा-थोड़ा, हल्का और कम तेल वाला खाना खाएं। फिर भारी चीज़ें एक-एक करके वापस शुरू करें। ज़्यादातर लोग एक महीने के अंदर सामान्य खाना खाने लगते हैं। कुछ लोगों को तला-भुना खाने के बाद दस्त होते हैं, और यह संभाला जा सकता है।

खाना क्यों बदलता है

आपका लीवर पित्त (बाइल) बनाता है, जो चिकनाई को पचाने वाला रस है। पित्ताशय सिर्फ़ इसे जमा करने की थैली था। खाने के बीच यह पित्त को जमा करके गाढ़ा करता था, और जब आप कुछ भारी खाते थे तो एक साथ तेज़ मात्रा आंत में छोड़ देता था।

पित्ताशय निकलने के बाद भी लीवर उतना ही पित्त बनाता है। बस अब वह एक साथ आने की बजाय लगातार थोड़ा-थोड़ा आंत में आता रहता है। साधारण खाने पर इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता। बहुत भारी, तेल वाले खाने के समय पित्त उतना तैयार नहीं होता, और कुछ लोगों को पेट फूलना या दस्त महसूस होते हैं। शुरू के हफ़्तों में आंत ऑपरेशन से भी उबर रही होती है। धीरे शुरू करने की असली वजह बस यही है।

इससे यह भी साफ़ होता है कि क्या सच नहीं है। आप चिकनाई पचाना बंद नहीं करेंगे। ऑपरेशन की वजह से आप कमज़ोर नहीं होंगे और न ही वज़न घटेगा। और पथरी वाला दर्द वापस नहीं आना चाहिए।

पहले दो दिन

दूरबीन (लेप्रोस्कोपिक) ऑपरेशन के बाद ज़्यादातर मरीज़ उसी शाम पानी के घूंट लेने लगते हैं और अगली सुबह हल्का खाना खाते हैं। पहले दिन बेहोशी की दवा से हल्का जी मिचलाना आम है और ठीक हो जाता है।

  • शुरुआत पानी, नारियल पानी, साफ़ सूप, दाल का पानी, पतली छाछ और हल्की चाय से करें
  • तरल पदार्थ पचने लगें तो नरम खाना शुरू करें: पतली खिचड़ी, दलिया, सूजी उपमा, सादा टोस्ट, इडली, उबला आलू
  • पूरी थाली की बजाय हर दो-तीन घंटे में कुछ चम्मच खाएं

पहला हफ़्ता

इस हफ़्ते को बहुत कम तेल में बना घर का खाना समझें। तीन बड़े खानों से पांच-छह छोटे खाने बेहतर रहते हैं।

  • अनाज: बिना घी की रोटी, चावल, खिचड़ी, दलिया, पोहा, इडली, सादा डोसा, ओट्स
  • दाल और प्रोटीन: मूंग या मसूर दाल, उबला अंडा (पहले सफ़ेदी), एक चम्मच तेल में बना चिकन या मछली, थोड़ा लो-फ़ैट पनीर
  • सब्ज़ियां: लौकी, तोरी, टिंडा, कद्दू, गाजर, बीन्स, पालक, अच्छी तरह पकी हुई
  • फल: केला, पपीता, सेब, नाशपाती, अनार, चीकू
  • दूध से बनी चीज़ें: टोन्ड या डबल टोन्ड दूध, दही, छाछ

इस हफ़्ते तली चीज़ें, मक्खन, क्रीम, मलाई, फ़ुल-क्रीम दूध, पकौड़े, समोसे, भटूरे, भारी ग्रेवी और मटन से बचें। इसलिए नहीं कि ये ख़तरनाक हैं, बल्कि इसलिए कि आंत संभलने के दौरान यही खाने सबसे ज़्यादा परेशानी देते हैं।

तीखा खाना ज़ख़्म को नुकसान नहीं करता, पर ठीक हो रही आंत पर ज़्यादा मिर्च दस्त बढ़ा सकती है। एक हफ़्ता हल्का रखें।

दूसरे से चौथे हफ़्ते

अब अपनी पसंद की चीज़ें एक-एक करके वापस शुरू करें, और अगले कुछ घंटों में देखें कि कैसा महसूस होता है। रोटी पर एक चम्मच घी। अंडे की ज़र्दी। दोपहर में दही के साथ एक पराठा, रात में नहीं। चाय में फ़ुल-क्रीम दूध।

अगर किसी चीज़ से पेट फूले या दस्त हो, तो इसका मतलब यह नहीं कि आप उसे कभी नहीं खा सकते। आमतौर पर इसका मतलब है कि उस समय, उतनी मात्रा थोड़ी जल्दी थी। एक हफ़्ता रुककर कम मात्रा में फिर कोशिश करें।

एक महीने के बाद

ज़्यादातर लोगों के लिए सच्ची सलाह यही है: सामान्य, संतुलित खाना खाएं। ब्रिटेन की NHS भी अपने मरीज़ों को यही बताती है। छोटे अध्ययनों ने देखा है कि लंबे समय तक सख़्त लो-फ़ैट डाइट से फ़र्क पड़ता है या नहीं; स्पेन के 83 मरीज़ों के एक अध्ययन में एक और छह महीने पर इससे लोगों के महसूस करने में कोई फ़र्क नहीं पड़ा।

पंजाबी खाना यहां की ज़िंदगी का हिस्सा है, और मैं किसी से इसे छोड़ने को नहीं कहता। मक्खन, पराठे, पकौड़े, छोले भटूरे और मलाई वाली लस्सी कभी-कभार ठीक हैं। परेशानी तब होती है जब ये रोज़, ज़्यादा मात्रा में, देर रात खाए जाएं। यह सलाह तब भी यही होती अगर आपका पित्ताशय होता।

अगर ऑपरेशन से पहले आपका वज़न ज़्यादा था, और पथरी के बहुत से मरीज़ों का होता है, तो कुछ बदलाव करने का यह अच्छा समय है। क्रैश डाइट और लंबे उपवास से बचें; पथरी बनने की वजहों में ये भी थे।

एक नज़र में खाना

पहले महीने के लिए मोटा अंदाज़ा। उसके बाद ज़्यादातर लोग सामान्य खाते हैं।
आराम से खाएं2 हफ़्ते संभलकरलंबे समय तक कभी-कभार
खिचड़ी, दलिया, चावल, रोटीपराठा, घी, मक्खनभटूरे, पूरी, समोसा, पकौड़े
मूंग और मसूर दालराजमा, छोले, उड़द (गैस)क्रीम वाली दाल मखनी
लौकी, तोरी, कद्दू, गाजरपत्तागोभी, फूलगोभी (गैस)मलाई कोफ़्ता, भारी ग्रेवी
दही, छाछ, टोन्ड दूधफ़ुल-क्रीम दूध, पनीरमलाई, क्रीम, खोये की मिठाई
केला, पपीता, सेबआम, बहुत मीठे फल ज़्यादा मात्रा मेंतले स्नैक्स और नमकीन
अंडे की सफ़ेदी, मछली, चिकन (कम तेल)पूरा अंडामटन करी, फ़्राइड चिकन
सिर्फ़ उदाहरण। थोड़ी मात्रा रखें; अपनी भूख और डायबिटीज़ की सलाह के अनुसार बदलें।
समयक्या खाएं
सुबह जल्दीगुनगुना पानी, या टोन्ड दूध वाली हल्की चाय
नाश्तासब्ज़ी वाला दलिया या पोहा, या थोड़ी चटनी के साथ दो इडली
दोपहर से पहलेएक केला या एक कटोरी पपीता
दोपहर का खानाबिना घी की दो रोटी, मूंग दाल, लौकी की सब्ज़ी, दही
शामछाछ, या टोस्ट के साथ साफ़ सब्ज़ी का सूप
रात का खानादही के साथ मूंग दाल खिचड़ी, या हल्की चिकन/मछली करी के साथ चावल
सोने से पहले, भूख हो तोएक कप टोन्ड दूध

दस्त (लूज़ मोशन)

मरीज़ सबसे ज़्यादा इसी बदलाव के बारे में पूछते हैं, इसलिए असली आंकड़े यह हैं। 21 अध्ययनों और लगभग 3,500 मरीज़ों को जोड़ने वाली एक समीक्षा में पाया गया कि पित्ताशय निकलने के बाद लगभग 100 में से 13 लोगों को दस्त होते हैं। 125 मरीज़ों के एक अध्ययन में पहले हफ़्ते में एक-चौथाई को दस्त हुए, पर तीन महीने तक यह 100 में 6 से भी कम रह गए। उस अध्ययन में पहले हफ़्ते लो-फ़ैट डाइट रखने वालों को दस्त कम हुए। यानी ज़्यादातर लोगों के लिए यह अस्थायी है।

अगर आपको ऐसा हो:

  • थोड़ा-थोड़ा खाएं, और कुछ समय के लिए तेल और घी कम करें
  • घुलनशील फ़ाइबर लें: पानी या दही में ईसबगोल, ओट्स, केला
  • पानी भरपूर पिएं; दस्त बार-बार हों तो ORS लें
  • पहचानें कि किस खाने से होता है। अक्सर एक ख़ास खाना ही वजह होता है, जैसे भारी रात का खाना

अगर दस्त कुछ हफ़्तों से ज़्यादा चलें, तो हमें बताएं। कुछ लोगों में इसकी वजह बड़ी आंत तक ज़्यादा पित्त पहुंचना होता है, और ऐसी दवाएं हैं जो पित्त को बांधकर इसे अच्छी तरह ठीक कर देती हैं। आपको इसे सहते रहने की ज़रूरत नहीं।

चाय, कॉफ़ी और शराब

चाय पहले दिन से ठीक है। कॉफ़ी भी ठीक है, हालांकि कुछ लोगों में यह पेट ढीला करती है, तो देखें कि आपको कैसा लगता है। कम से कम पहले हफ़्ते शराब न लें, ख़ासकर दर्द की दवा के दौरान, और उसके बाद भी सीमित रखें। कोल्ड ड्रिंक से गैस बनती है, जो शुरू के दिनों में तकलीफ़ देती है।

इनमें से कुछ भी दिखे तो हमें फ़ोन करें या आ जाएं
  • आंखों या त्वचा में पीलापन
  • बुख़ार या कंपकंपी
  • पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द जो घटने की बजाय बढ़ रहा हो
  • उल्टी जो रुक न रही हो, या पानी तक न रुक रहा हो
  • बहुत गहरा पेशाब, या फीका, मिट्टी के रंग का मल
  • दस्त जो कुछ हफ़्तों से ज़्यादा चलें

ये कम होते हैं, पर इनका मतलब हो सकता है कि पित्त ठीक से नहीं निकल रहा, और इनकी जांच ज़रूरी है, डाइट से इलाज नहीं।

अगर आपका ऑपरेशन अभी होना है, तो ऑपरेशन के बारे में हमारे गॉलब्लैडर स्टोन सर्जरी पेज पर जानकारी है।

Prof. (Dr.) Ashvind Bawa, MS FACS, Director of Surgical Services at Bawa Hospital, Ludhiana

लेखक के बारे में

प्रो. (डॉ.) अश्विंद बावा, MS, FACS, बावा हॉस्पिटल एंड हर्निया इंस्टीट्यूट, लुधियाना में सर्जिकल सर्विसेज़ के डायरेक्टर हैं और जनरल व लेप्रोस्कोपिक सर्जरी करते हैं। ये गाइड AI की मदद से तैयार की गई हैं और उनके द्वारा चिकित्सकीय रूप से जांची गई हैं, और साल में कम से कम एक बार दोबारा जांची जाती हैं।

और पढ़ें
आंकड़े कहां से लिए गए
  1. Farrugia A, Attard JA, Khan S, Williams N, Arasaradnam R. Postcholecystectomy diarrhoea rate and predictive factors: a systematic review of the literature. BMJ Open 2022;12:e046172.
  2. Yueh TP, et al. Diarrhea after laparoscopic cholecystectomy: associated factors and predictors. Asian Journal of Surgery, 2014.
  3. Ribas Blasco Y, et al. Low-fat diet after cholecystectomy: should it be systematically recommended? Cirugía Española 2020;98(1):36–42.
  4. NHS. Do I need to change my diet after gallbladder surgery? nhs.uk, accessed October 2026.

यह पेज सामान्य जानकारी के लिए है और आपका ऑपरेशन करने वाली टीम की सलाह की जगह नहीं लेता। अगर आपको डायबिटीज़, किडनी की बीमारी या कोई और ऐसी स्थिति है जिसकी अपनी डाइट है, तो पहले वह सलाह मानें। यहां दिए आंकड़े प्रकाशित अध्ययनों में मरीज़ों के समूहों के हैं। आंखों में पीलापन, बुख़ार या बढ़ता दर्द हो तो आज ही डॉक्टर को दिखाएं।

सवाल-जवाब

आम पूछे जाने वाले सवाल

गॉलब्लैडर ऑपरेशन के बाद पहले दिन क्या खाएं?

तरल से शुरू करें: पानी, नारियल पानी, साफ़ सूप, दाल का पानी और पतली छाछ। ये पच जाएं तो नरम, हल्का खाना जैसे पतली खिचड़ी, दलिया, इडली या टोस्ट, थोड़ा-थोड़ा करके लें।

गॉलब्लैडर निकलने के बाद कितने समय तक ख़ास डाइट रखनी होगी?

ज़्यादातर लोगों को सिर्फ़ एक-दो हफ़्ते हल्का, कम तेल वाला खाना, फिर पहले महीने में धीरे-धीरे सामान्य खाने पर लौटना। पूरी ज़िंदगी ख़ास डाइट की ज़रूरत नहीं।

क्या गॉलब्लैडर ऑपरेशन के बाद घी, मक्खन और पराठे खा सकते हैं?

हां, पर पहले एक-दो हफ़्ते नहीं। इन्हें एक-एक करके थोड़ी मात्रा में शुरू करें, बेहतर है दोपहर में, देर रात नहीं। एक महीने बाद ज़्यादातर लोग इन्हें कभी-कभार बिना परेशानी खा लेते हैं।

क्या गॉलब्लैडर निकलने के बाद दूध पी सकते हैं?

टोन्ड या डबल टोन्ड दूध, दही और छाछ पहले दिनों से ठीक हैं। फ़ुल-क्रीम दूध और मलाई दूसरे हफ़्ते से शुरू करना बेहतर है।

गॉलब्लैडर ऑपरेशन के बाद दस्त क्यों होते हैं?

अब पित्त लगातार आंत में आता है, और भारी खाने के बाद उसका कुछ हिस्सा बड़ी आंत तक पहुंचकर मल ढीला कर देता है। लगभग 100 में से 13 लोगों को ऐसा होता है। यह आमतौर पर कुछ हफ़्तों में ठीक हो जाता है; न हो तो पित्त बांधने वाली दवाएं अच्छा काम करती हैं।

क्या ऑपरेशन के बाद चाय और कॉफ़ी पी सकते हैं?

चाय पहले दिन से ठीक है। कॉफ़ी भी आमतौर पर ठीक है, हालांकि कुछ लोगों में पेट ढीला करती है। कम से कम पहले हफ़्ते शराब न लें, ख़ासकर दर्द की दवा के दौरान।

क्या गॉलब्लैडर निकलने के बाद पथरी दोबारा हो सकती है?

पथरी पित्ताशय में बनती है, इसलिए उसके निकल जाने के बाद वहां दोबारा नहीं बन सकती। बहुत कम मामलों में पित्त की नली में पथरी मिल सकती है, इसलिए आंखों में पीलापन, बुख़ार या बढ़ता दर्द हमेशा दिखाना चाहिए।

क्या गॉलब्लैडर निकलने के बाद वज़न बढ़ता या घटता है?

ऑपरेशन ख़ुद वज़न नहीं बदलता। कुछ लोगों का वज़न इसलिए बढ़ता है कि वे बेहतर महसूस करते हैं और फिर से भारी खाना ज़्यादा खाने लगते हैं, इसलिए सामान्य खाने पर लौटने के बाद मात्रा का ध्यान रखें।

ऑपरेशन के बाद कोई सवाल?

हमें मैसेज करें। अगर सब सामान्य है तो हम बता देंगे। अगर जांच की ज़रूरत है तो वह भी बताएंगे।